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Kartik Swami Temple Ropeway | कार्तिक स्वामी मंदिर की पूरी जानकारी

Kartik Swami Temple, History, Jal Yatra, Distance, How To Reach Kartik Swami Temple, Trek, Temperature, Weather, Height, Hotel In Kartik Swami Temple

दक्षिण भारत में आपको भगवान कार्तिकेय (मुर्गन स्वामी) के बहुत सारे मंदिर मिल जायेंगे लेकिन उत्तर भारत में Kartik Swami Temple बहुत ही कम मंदिर देखने को मिलते हैं, जिनमे से एक प्रसिद्ध मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में क्रोंच पर्वत पर समुद्रतल से लगभग 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हर साल Kartik Swami Temple में श्रद्धालुओं की संख्या बढती जा रही है, मंदिर तक पहुँचने के लिए सबसे ज्यादा कनकचौरी ट्रेक का प्रयोग किया जाता है, यह ट्रेक लगभग 3-4 km लम्बा है।

पर्यटन को बढ़ावा देने और मंदिर आने वाले हजारों भक्तों की सुविधा के लिए अब सरकार द्वारा यहाँ कनकचौरी से एक रोपवे का निर्माण किया जायेगा, इससे कनकचौरी से मंदिर तक की दूरी को केवल 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको कार्तिक स्वामी मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

Kartik Swami Temple

Table of Contents

कार्तिक स्वामी मंदिर का इतिहास (Kartik Swami History)

Kartik Swami Temple रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख मंदिरों और पवित्र पर्यटक स्थलों में से एक है, पौराणिक कथानुसार एक बार भगवान शिव ने अपने दोनों प्रुत्रों (भगवान कार्तिकेय और भगवान गणेश) से कहा कि दोनों पूरे ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर आयें और जो भी पहले चक्कर लगा कर वापस आएगा उसे माता-पिता की पूजा पहले करने का अवसर प्राप्त होगा।

भगवान शिव के दुसरे पुत्र गणेश भगवान ने ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने के बजाये अपने माता-पिता के चक्कर लगाये, जब उनसे ऐसा करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने जवाब में कहा कि मेरे लिए पूरा ब्रह्माण्ड मेरे माता-पिता में समाया है, इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गणेश को वरदान दिया की सभी देवताओं में वो सर्वप्रथम पूजनीय होंगे।

जब भगवान कार्तिकेय ब्रह्माण्ड का चक्कर पूरा करके वापस आये और उन्हें इस घटना के बारे में पता लगा तो वो क्रोधित हो गये। तब उन्होंने क्रोध में अपने शरीर की हड्डियाँ अपने पिता को और मास अपनी माता को अर्पित कर दिया। और क्रोंच पर्वत पर निर्वाण अवस्था में तप करने लगे। बाद में इस स्थान पर भगवान कार्तिकेय का मन्दिर बनाया गया। भगवान कार्तिकेय की हड्डियाँ अभी भी मंदिर में मौजूद हैं, जिन्हें हजारों भक्तों द्वारा प्रतिवर्ष पूजा जाता है।

Kartik Swami Temple में प्रतिवर्ष जून के माह में एक भव्य पाठ का आयोजन किया जाता है, जो लगभग एक सप्ताह तक चलता है। अंत के दो दिनों में एक भयानक पहाड़ी से होकर लम्बी जल कलश यात्रा निकाली जाती है और अंत में पूर्णाहुति होती है। इस जलकलश यात्रा को देखने के लिए Kartik Swami Temple में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ आती है।

कार्तिक स्वामी जल कलश यात्रा (Kartik Swami Temple Jal Yatra)

Kartik Swami Temple में हर साल जून में एक भव्य पाठ का आयोजन किया जाता है, इस वर्ष यह पाठ 5 जून 2023 से शुरू होगा और 15 जून 2023 तक चलेगा। इस पाठ के अंतिम दो दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं, 14 जून को एक भव्य जल कलश यात्रा होगी, इस यात्रा में मंदिर के पीछे वाली पहाड़ी से जल लाया जायेगा, जोकि एक चुनौती पूर्ण कार्य है। पहाड़ी इतनी खतरनाक है कि थोड़ी सी भी असावधानी हुई या पैर फिसला तो कुछ भी हो सकता है।

जल कलश यात्रा वाले दिन Kartik Swami Temple में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इस जल यात्रा को देखने के लिए पूरे देश से हजारों लोग आते हैं।

पाठ या यज्ञ के अंतिम दिन यानि 15 जून को पूर्णाहुति होती है और सब लोग भगवान कार्तिकेय का आशीर्वाद लेकर अपने-अपने घर जाते हैं। यज्ञ का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा।

विभिन्न स्थानों से कार्तिक स्वामी मंदिर की दूरी (Kartik Swami Distance)

विभिन्न स्थानों से Kartik Swami Temple का Distance इस प्रकार है-

स्थान दूरी
हरिद्वार203 km
ऋषिकेश188 km
देहरादून215 km
रुद्रप्रयाग38 km
कनकचौरी3 km trek

कार्तिक स्वामी मंदिर रोपवे- Kartik Swami Temple Ropeway in Hindi

कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए रोपवे बनाने के लिए प्री-फिजिबिलटी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, आधिकारियों की माने तो सितम्बर तक रोपवे निर्माण की अंतिम डीपीआर भी बन जाएगी। यह रोपवे कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक 1.4 km लम्बा होगा, इससे हर साल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। बता दें वर्तमान समय में कनकचौरी से मंदिर पहुँचने के लिए 3-4 km पैदल ट्रेक करना पढता है, जसे पूरा करने बहुत समय लगता है और बहुत से लोग ट्रेक करने में असमर्थ रहते हैं। वहीं रोपवे निर्माण के बाद मंदिर तक केवल 10 मिनट में पहुंचा जा सकता है।

कार्तिक स्वामी मंदिर रोड सर्वे के लिए मिली स्वीकृति- Kartik Swami Temple Road Survey

कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए चंद्रापुरी-बाजबड्डू होते हुए मंदिर तक 10 km की रोड सर्वे के लिए स्वीकृति भी मिल गयी है. मंदिर तक सड़क सुविधा होने से भक्तों को काफी सुविधाएं होंगी। लोनिवि के ईई मनोज भट्ट ने बताया कि मार्ग के प्रथम चरण की स्वीकृति मिली है और जल्द ही ऊखीमठ डिवीजन द्वारा सड़क मार्ग के लिए सर्वे की जाएगी।

कार्तिक स्वामी मंदिर कैसे पहुंचे ?(How To Reach Kartik Swami Temple)

Kartik Swami Temple केवल बस, टैक्सी, कार या बाइक से पहुंचा जा सकता है। हालाँकि, हरिद्वार-ऋषिकेश तक आप ट्रेन और देहरादून तक आप फ्लाइट से भी यात्रा कर सकते हैं। उस से आगे की यात्रा बस, टैक्सी और कार से ही की जा सकती है, जोकि आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

हरिद्वार से Kartik Swami Temple पहुँचने के लिए आपको हरिद्वार-ऋषिकेश-तीन धारा-देवप्रयाग-श्रीनगर-धारीदेवी-रुद्रप्रयाग-चोपता-घिमतोली-कनकचौरी आदि मुख्य पड़ावों से होकर जाना पड़ता है।

फ्लाइट से कार्तिक स्वामी यात्रा (Kartik Swami By Flight)

अगर आप फ्लाइट से यात्रा करना चाहते हैं तो आपको बता दें भारत के अधिकांश बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता) से देहरादून स्थित जॉली ग्रांट एअरपोर्ट के लिए फ्लाइट उपलब्ध हो जाती है। यहाँ से आगे का सफ़र आपको बस, टैक्सी या कार से ही करना होता होता है, जो आपको रुद्रप्रयाग मेन मार्केट तक ले कर जायेंगे।रुद्रप्रयाग से आपको 1 या 2 बार टैक्सी बदलनी पढ़ सकती है।

ट्रेन से कार्तिक स्वामी यात्रा (Kartik Swami By Train)

अगर आप उत्तराखंड घूमना चाहते हैं तो आपको ये बात अवश्य पता होनी चाहिए कि यहाँ आपको ट्रेन की सुविधा केवल हरिद्वार-ऋषिकेश या देहरादून तक ही मिलेगी। ऋषिकेश सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है।यहाँ से आगे आपको बस, टैक्सी या कार से जाना होगा। अधिकांश लोग बस से घूमना ज्यादा पसंद करते हैं, बस का किराया, टैक्सी या कार के मुकाबले थोडा कम रहता है और लम्बे सफ़र का आनंद बस में ज्यादा आता है।

उत्तराखंड में चार धाम रेल परियोजना पर काम चल रहा है, यह काम लगभग 2025 तक पूरा हो जायेगा तब आप उत्तराखंड में कहीं भी ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं।

बस से कार्तिक स्वामी यात्रा (Kartik Swami By Bus)

Kartik Swami Temple पहुँचने का सबसे अच्छा माध्यम बस से यात्रा करना है। अधिकांश यात्री बस से ही चार धाम यात्रा या कोई भी अन्य यात्रा करना पसंद करते हैं। हरिद्वार-ऋषिकेश से बस आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

कार्तिक स्वामी ट्रेक (Kartik Swami Trek)

Kartik Swami Temple Trek

Kartik Swami Temple का ट्रेक कनकचौरी मार्केट से शुरू होता है। कनकचौरी से 3 km का आसान सा ट्रेक करना पड़ता है और आप मंदिर में पहुँच जाते हो। ट्रेक जंगल के बीच से होकर जाता है, इस पूरे ट्रेक के दौरान आपको हरियाली और प्रकृति के सुन्दर नज़ारे देखने को मिलते हैं।

मंदिर से 1 km पीछे आपको कुछ दुकाने मिलती हैं। यहाँ आपको पूजा का हर सामान मिल जाता है। इस स्थान को स्थानीय लोग अपनी अपनी गढ़वाली बोली में “बाजी की मरडी” बोलते हैं। hindi में इसका अर्थ है “पुजारी का का निवास” होता है।

ट्रेक पर आगे बढ़ते हुए Kartik Swami Temple से लगभग 500 मीटर पीछे भैरवनाथ और माता रानी का एक छोटा सा मंदिर है। इसी मंदिर के बगल में हाल की में बनायीं गयी बजरंग बली की एक विशाल मूर्ती है। मुख्य मंदिर में जाने से पहले सभी भक्त यहाँ पर पूजा करते हैं।

कार्तिक स्वामी मंदिर की सीढियां (Kartik Swami Temple Stairs)

Kartik Swami Temple Trek

भैरवनाथ मंदिर से थोडा आगे चलकर मंदिर की ओर जाने के लिए चौड़ी सीढियां बनायीं गयीं हैं। इन सीढियों की संख्या लगभग 60-80 होंगी। सीढ़ियों के दोनों ओर पहाड़ियां है, सुरक्षा के लिए सीडियों के दोनों और अछे से रेलिंग की गयी है। इन सीडियों पर चढ़ने से पहले सभी भक्त अपने जूते-चप्पल निकल कर अलग रख लेते हैं। हालाँकि, लोग अब सीढियां चड़ने के लिए जूते-चप्पलों का प्रयोग भी करने लगे हैं।

कार्तिक स्वामी का वाहन मोर

हाल ही में, मंदिर प्रवेश द्वार के सामने कार्तिक स्वामी के वाहन मोर की मूर्ती भी बना दी गयी है। मोर की सुन्दरता मंदिर की सोभा और बढ़ा देती है।

कार्तिक स्वामी मंदिर में धर्मशाला/ होटल (Hotel In Kartik Swami Temple)

पहले Kartik Swami Temple में धर्मशाला और होटलों की कोई व्यवस्था नहीं थी, पिछले एक-दो साल में मंदिर का जीर्णोधार और आस-पास के क्षेत्रों का बहुत विकास किया गया है। मंदिर से लगभग 1 km पीछे आपको धर्मशालाएं और होटल मिल जायेंगे। यहाँ आपको खाने और रहने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

कार्तिक स्वामी मंदिर तापमान (Kartik Swami Temperature)

Kartik Swami Temple का तापमान वर्ष के अधिकांश महीनो में सामान्य बना रहता है। केवल नवम्बर-जनवरी तक तापमान 0 डिग्री या उससे कम हो सकता है। जनवरी में यहाँ सबसे अधिक ठण्ड होती है, उस समय पूरा मंदिर बर्फ से ढका रहता है।

कार्तिक स्वामी मौसम (Kartik Swami Weather)

पहाड़ों में मौसम का कोई अनुमान नही लगाया जा सकता है, यहाँ एक पल धूप होती है तो अगले ही पल बारिश और बर्फ़बारी शुरू हो जाती है। 2023 में अगर आप (केदारनाथ, बद्रीनाथ , गंगोत्री, यमुनोत्री,  पंचकेदार) की यात्रा कर रहे हैं या कर चुके हैं तो आपको वहां से मौसम के बारे में पता होगा। इस बार चार धाम यात्रा करने वालों के लिए मौसम एक बड़ी मुसीबत बना हुआ है, विशेषकर केदारनाथ के लिए। कई बार ख़राब मौसम के चलते केदारनाथ यात्रा को रोकना पढ़ रहा है।

हलाकि कार्तिक स्वामी यात्रा के लिए मौसम आपकी यात्रा के मुसीबत खड़ी नहीं करेगा। कम ऊंचाई पर होने की वजह से यहाँ अधिक बर्फ़बारी नही होती है। आजकल आये दिन बारिश हो रही है पर यहाँ आपको केदारनाथ वाली ठण्ड महसूस नही होगी आप आसानी से कार्तिक स्वामी यात्रा कर सकते हैं।

कार्तिक स्वामी मंदिर की ऊंचाई (Kartik Swami Temple Height)

रुद्रप्रयाग जिले से 38 km दूर स्थित Kartik Swami Temple समुद्रतल से 3048 मीटर ऊंचाई पर स्थित है।

अक्षांशीय विस्तार (Latitude)N-30° 23′ 7897″
देशांतरीय विस्तार (Longitude)E- 79° 5’54.759″
ऊंचाई (Altitude)3048 Mt

कार्तिक स्वामी मंदिर के नजदीक पर्यटक स्थल (Tourists Places Near Kartik Swami Temple)

पर्यटक स्थल दूरी
कोटेश्वर महादेव मंदिर 35 km
उखीमठ52 km
कालीमठ मंदिर 57 km
तुंगनाथ मंदिर 81 km
बद्रीनाथ मंदिर165 km

Kartik Swami Mandir Uttarakhand

Uttarakhand के रुद्रप्रयाग जिले में भगवान कार्तिक स्वामी का एक मंदिर स्थित है, माना जाता है की यह मंदिर उत्तर भारत में भगवान कार्तिकेय का एकमात्र मंदिर है। पिछले कुछ समय में इस मंदिर का बहुत विकास हुआ है और अब यहाँ रहने, खाने और सब प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है।

FAQs

Q- उत्तर भारत में कार्तिक स्वामी का एकमात्र मंदिर कहाँ स्थित है?

ANS- उत्तर भारत में भगवान कार्तिकेय का एकमात्र मंदिर उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है।

Q- कार्तिक स्वामी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

ANS- साल के किसी भी महीने आप कार्तिक स्वामी मंदिर जा सकते हैं। यहाँ केदारनाथ जैसी विषम परिस्थितियां नहीं हैं और नाहीं ख़राब मौसम की वजह से कोई ज्यादा दिक्कत होती है, बस दिसंबर-जनवरी में ठण्ड बढ़ जाती है।

Q- क्या ट्रेन से कार्तिक स्वामी जा सकते हैं?

ANS- नहीं, आप केवल हरिद्वार-ऋषिकेश तक ट्रेन में आ सकते हैं। यहाँ से आगे का सफ़र आपको बस, टैक्सी या कार से करना होता है, जोकि आसानी से मिल जाती है।

Q- क्रोंच पर्वत कहाँ स्थित है?

ANS- क्रोंच पर्वत उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। इस पर्वत की छोटी पर भगवान कार्तिकेय का प्रसिद्द मंदिर है।

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